बलिया में अनेकों होटल पर पंजीकृत की संख्या दर्जन भर : बलिया शहर मुख्यालय व आस-पास अनेक होटल पर पंजीकृत की संख्या मात्र एक दर्जन,होटलों की संख्या पच्चास से ज्यादा
Ajay Mishra
Wed, May 14, 2025
50 से अधिक गैर पंजीकृत होटल, लाज के संचालकों को नगर मजिस्ट्रेट ने भेजा नोटिस ---------------------------------
सरकार द्वारा स्थापित मानकों का पालन नहीं कर रहे बलिया जनपद के अधिकांश होटल, लाज
बलिया। 14 मई। (डी एन एन)। बलिया जनपद में चल रहे होटलों, लाज इत्यादि में से मात्र 12 को छोड़कर अन्य सभी अपंजीकृत हैं। इन मानक विहीन होटलों में न तो पार्किंग की व्यवस्था है और न ही अग्निशमन यंत्र लगे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट आशा राम वर्मा ने सभी गैर पंजीकृत होटलों, लाज इत्यादि के संचालकों को नोटिस भेजा है।
सिटी मजिस्ट्रेट का नोटिस प्राप्त होने के बाद कुछ ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है, लेकिन वह मानकों को पर खरा नहीं उतरते।
उल्लेखनीय है कि, बलिया शहर के साथ ही जनपद के विभिन्न तहसील क्षेत्रों में इस समय होटलों की भरमार सी हो गई है। बलिया नगर की कोई गली ऐसी नहीं है, जिसमें कोई न कोई होटल संचालित नहीं हो रहा हो। रेलवे स्टेशन के सामने तो होटलों की भरमार है। इन होटलों में कई अवैध गतिविधियां भी होती हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी कर्मचारी आंख मुंदे रहते हैं। इसके अलावा आर्य समाज रोड, स्टेशन टाउन हाल रोड, स्टेशन मालगोदाम रोड, भृगु आश्रम, तिखमपुर, परिखरा, बहेरी आदि में दर्जनों की संख्या में होटल संचालित हो रहे हैं। इनमें से किसी के पास भी अपनी पार्किंग नहीं है। जो भी इनके यहां रुकते हैं, उनके वाहन बाहर सड़क पर खड़े होते हैं और जाम का कारण बनते हैं।
विदित हो कि, आज से लगभग 6 वर्ष पूर्व तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ब्रजकिशोर दुबे ने अभियान चलाकर गैर पंजीकृत होटल लॉज पर नकेल कसने का प्रयास किया था। तब बलिया जनपद में एक भी होटल लॉज पंजीकृत नहीं था। श्री दुबे के प्रयासों का नतीजा रहा की तब दो होटल संचालक ने रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदन किया। बाद में यह अभियान ठप हो गया। इन 6 वर्षों में पंजीकृत होटल लॉज की संख्या 12 हो गई है, जबकि गैर पंजीकृतों की संख्या इससे कई गुना ज्यादा है।
होटल, लाज संचालन हेतु जरूरी पार्किंग के लिए पूरा सिस्टम होना चाहिए।
होटल तक अग्निशमन वाहन जाने के लिए रास्ता तथा अग्निशमन यंत्र लगे होंने चाहिए।
होटल में आपातकालीन खिड़की अवश्य होनी चाहिए। होटल में दो पक्की सीढ़ी होनी चाहिये।आग बुझाने के लिए पानी की पाइप लाइन होनी चाहिये।
उत्तर प्रदेश सराय अधिनियम 1867
उत्तर प्रदेश में यह अधिनियम सराय, होटल, लॉज और गेस्ट हाउस जैसे स्थानों को पंजीकृत करने के लिए बनाया गया है, ताकि वे अपने मेहमानों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करें और एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बनाए रखें।
सराय अधिनियम के तहत पंजीकरण अनिवार्य है क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि, सुरक्षा और स्वच्छता के मद्देनजर होटल, लाज, गेस्ट हाउस आदि को एक निश्चित मानक के अनुसार बनाए रखना चाहिए, जैसे कि साफ-सफाई, आग से बचाव, और अन्य सुरक्षा उपाय।
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