सैनिकों और गरीबों पर की ग ई टिप्पणी से चहुओर गुस्सा : BHU छात्रों का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन,सैनिकों व गरीबों के अपमान पर गूंजा BHU
Ajay Mishra
Fri, Aug 22, 2025
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा सैनिकों और गरीब वर्ग पर की गई अपमानजनक टिप्पणी, आदरणीय घुरहू सिंह (सेवानिवृत्त सैनिक एवं रसड़ा, बलिया के विधायक उमाशंकर सिंह के पिता जी) को लेकर कही गई विवादित टिप्पणी के खिलाफ काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रों ने आज 21 अगस्त 2025 को ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन किया।
यह मार्च महिला महाविद्यालय से सिंह द्वार तक छात्रनेता पुनीत सिंह और प्रभाकर सिंह के नेतृत्व में निकाला गया, जिसमें सैकड़ों छात्रों ने सैनिकों और किसानों के सम्मान में जोरदार नारेबाज़ी की।
नारे गूंजे —
“सैनिक का अपमान नहीं सहेंगे!”
“गरीब का मज़ाक नहीं चलेगा!”
“जय जवान – जय किसान – जय बलिया – जय काशी!”
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सैनिकों ने अपने जीवन का बलिदान देश की रक्षा के लिए दिया है और किसानों की मेहनत से ही देश की रोटी बनती है। इनका अपमान केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र और उसकी आत्मा का अपमान है।
छात्रनेता पुनीत सिंह ने कहा कि “यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल या विचारधारा का नहीं, बल्कि देश के सम्मान और अस्मिता का है। सैनिक और किसान का अपमान इस राष्ट्र की आत्मा को ठेस पहुँचाने जैसा है। हम तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक मंत्री जी सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते।”
छात्रनेता प्रभाकर सिंह ने कहा कि “काशी की धरती सदियों से वीरों और महापुरुषों की जन्मभूमि रही है। यहाँ से सैनिक और किसानों के सम्मान की आवाज़ उठी है तो यह पूरे देश में गूंजेगी। मंत्री जी का बयान निंदनीय और शर्मनाक है। जब तक वह माफी नहीं मांगते, तब तक BHU छात्र समाज यह आंदोलन और तेज़ करेगा।”
छात्रों ने चेतावनी दी कि —
जब तक मंत्री जी सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
सैनिक और किसान का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।
यदि सरकार ने इस मामले को हल्के में लिया तो काशी से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक यह आवाज़ गूंजेगी।
आज के विरोध मार्च ने यह साफ कर दिया कि BHU का छात्र समाज सैनिकों और किसानों की गरिमा की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने को तैयार है।
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