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बाढ़ में गिरे मकान वाले व्यक्तियों को इसी महीने आवासीय पट्टा : पोर्टल पर डाटा अपलोड न करने के कारण चार लेखपालों से स्पष्टीकरण,सभी वितरण का डाटा 48 घंटे में अपलोड करने के निर्देश

Ajay Mishra

Wed, Sep 3, 2025

जितेन्द्र उर्फ जितू

बलिया। बाढ़ से क्षतिग्रस्त फसलों का अनुदान एवं अन्य व्यवस्थाएं की हानियों के सर्वे/सत्यापन करने के सम्बंध में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई। साथ ही जिले में बाढ़ से हुई क्षतिग्रस्त फसलों एवं अन्य व्यवस्थाएं का डाटा पोर्टल पर अभी तक अपलोड न करने पर नाराजगी जताते हुए जिले के समस्त लेखपाल, कानूगो एवं तहसीलदारों को कड़ी फटकार लगाई। तहसील सदर के सभी लेखपालों एवं कानूनों से पोर्टल पर डाटा अपलोड न करने के कारण के बारे में संबंधित लेखपालो से जानकारी ली। साथ ही राजस्व विभाग के रजिस्टार द्वारा संबंधित लेखपालों को मॉनिटरिंग न करने पर उनको कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि सभी लेखपालों की मॉनिटरिंग में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने लेखपाल संदीप कुमार सिंह, विवेक सिंह, राणा प्रताप सिंह एवं अविनाश प्रताप सिंह द्वारा पोर्टल पर डाटा अपलोड करने में लापरवाही पाए जाने पर अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार गुप्ता को निर्देश दिए कि तत्काल इन लेखपालों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया जाए। साथ ही तहसील सदर में बाढ़ राहत सामग्री का डाटा पोर्टल पर अपलोड करना था जो अभी तक अपलोड नहीं होने पर तहसीलदार सदर को कड़ी फटकार लगाई और सख्त निर्देश दिए कि 24 घंटे के अंदर सभी बाढ़ राहत सामग्री एवं फूड वितरण का डाटा 48 घंटे के अंदर डाटा पोर्टल पर अपलोड कराए। बाढ़ के पानी से किसानों की फसलों की 33 प्रतिशत हानि हुई है जो माह अगस्त में 03 से 13 अगस्त तथा 27 अगस्त से अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर सर्वे करें तथा जिस किसान भाइयों की फसलों की हानि हुई है उसका सर्वे/सत्यापन पहले से सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि भुगतान की कार्यवाही की जा सके, और कृषि अनुदान एक सप्ताह के अंदर सभी किसान भाइयों के खाते में भुगतान हो जानी चाहिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर टूटी हुई सड़के/नालियो का पहले से सर्वे कर ले और उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराएं ताकि शासन स्तर से धनराशि मांगकर मरम्मत का कार्य किया जा सके।

जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को अवगत कराया कि माननीय मुख्यमंत्री जी का निर्देश है कि बाढ़ में जिन व्यक्तियों का मकान गिर गए हैं उनको आवासीय पट्टा कराना है और इसी महीने में आवासीय पट्टा हो जानी चाहिए और उनको मुख्यमंत्री आवास भी दिया जाए। प्राथमिक विद्यालय/सीएचसी/पीएचसी केंद्र एवं पंचायत भवन जो बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं उसकी सूची उपलब्ध कराएं ताकि मरम्मत के लिए आपदा विभाग द्वारा 02 लाख रुपए दिए जाने का प्राविधान है। उन्होंने सभी लेखपालों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन विभाग के तहत संचालित सभी योजनाओं एवं राहत लाभों को पात्र और जरूरतमंद गरीब परिवारों को लाभान्वित किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, समस्त एसडीएम, समस्त तहसीलदार, समस्त कानूगो एवं समस्त लेखपाल आदि उपस्थित रहे।

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