मुख्य चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ विभाग के कर्मचारियों ने दिया धरना : स्थानांतरण की विसंगतियों को लेकर मातृ शिशु महिला कर्मचारी संघ ने दिया धरना
Ajay Mishra
Thu, Jul 3, 2025
बलिया। मातृ शिशु महिला कर्मचारी संघ उ०प्र०, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद् से सम्बद्ध संगठनों ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर गुरूवार को पूर्वान्ह अपनी दो सूत्रीय मांगो के समर्थन में धरना देकर चेतावनी दी कि यदि हमारी मांगे पूरी नही की जाती तो व्यापक आन्दोलन किया जायेगा। धरना सभा में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद पूर्व अध्यक्ष सत्या सिंह ने कहा की हमारी बहने घबराये नही उनके उत्पीड़न का मुंह तोड़ जबाव दिया जायेगा। उन्होने कहा कि सी0एम0ओ0 साहब शायद यहां के बागीपन से परिचित नही है। अपने मातहतो राज्य कर्मचारी सयुंक्त परिषद की एकता के बारे जानकारी प्राप्त कर लें। परिषद अनाधिकारिक लड़ाई नहीं लड़ता। परिषद के वर्तमान अध्यक्ष वेद प्रकाश पाण्डेय कहा कि पिछले दो महीने से ए0एन0एम0 बहनों के उत्पीड़न और स्थानान्तरण स्वैच्छिक तरीके से बिना किसी आधार/मानक के करने के कारण स्वास्थ्य कार्यकर्त्रियों के समक्ष विभिन्न परेशानियाँ उत्पन्न हो गयी हैं, आप हमारे मुखिया है तो हमारी परेशानियों का समाधान भी आपको ही करना है। सरकार के स्थानान्तरण नीति के जारी होने के पूर्व ही किया गया स्थानान्तरण निरस्त करने का अनुरोध किया गया था लेकिन अभी तक स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। यदि सभी 23 स्थानान्तरित महिला स्वास्थ्य कार्यकर्त्रियों का सरकार के स्थानान्तरण नीति के जारी होने के पूर्व किया गया स्थानान्तरण निरस्त नही किया जाता और ऐच्छिक आधार पर लगभग 15 स्वास्थ्य कार्यकर्त्रियों का स्थानान्तरण निरस्त किया गया, तो शेष महिला कार्यकत्रियों का उत्पीड़ित किया जाना न्याय संगत नही है। इन बहनों की मांगों को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद् अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए पुनः आपसे मांग करता है कि प्रकरण पर तत्काल संज्ञान लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी गम्भीरता से विचार कर समस्या का समाधान करें।
आज का धरना दिन भर चला जिसमें जनपद के विभिन्न पीएससी और सी0एच0सी0 के ए एन एम भारी संख्या में उपस्थित रहीं तथा सभी के द्वारा अपने आर्थिक मानसिक शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद की जाती रही, इस बीच मुख्य चिकित्सा अधिकारी वृक्षारोपण के नाम पर अपने कार्यालय आए नहीं तथा समस्याओं के समाधान की तरफ जरा भी रुचि नहीं लिए जिससे उपस्थित एएनएम बहनों के बीच भारी रोष व्याप्त हुआ तथा उन्होंने सर्वसम्मति से धरना स्थल पर यह निर्णय लिया कि जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती है तब तक हम धरनारत रहेंगे। इसमें आगे आने वाले दिनों में यदि टीकाकरण बाधित होता है तो उसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी ही दोषी होंगे क्योंकि हम धरना पर जाने से पहले उनको इस बात को लिखित संज्ञानित कर चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के इस व्यवहार पर अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी भारी रोज व्यक्त किया है तथा तुरंत मांगों को माने जाने का अपनी सभा के अंतर्गत उद्बोधनों में कहा है कहा यदि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऐसे ही लापरवाही करते रहेंगे तो आंदोलन की आज पूरे जनपद में फैल जाएगी और जनपद का हर कर्मचारी संगठन इसके समर्थन में उतरकर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बाध्य होगा तथा धरना अनवरत जारी रहेगा। धरना सभा को सम्बोधित करने वालों में श्रीमती रीता चौधरी (रतसड़), श्रीमती शोभा (चिलकहर), श्रीमती अंजू यादव (दुबहड़), श्रीमती संतोषी (चिलकहर), श्रीमती मंजू सिंह, श्रीमती रीमा सिंह (नगरा), श्रीमती रिंकू देवी (रसड़ा), श्रीमती मानविंसा सिंह (दुबहड़), श्रीमती किरन (सीयर), श्रीमती शान्ति पाण्डेय (नरहीं), श्रीमती गीता (रतसड़), श्रीमती अर्चना राय (बयना), श्रीमती अनिता यादव, श्रीमती नीतू वर्मा, मीनू, रिंकू सहित कर्मचारी नेतागण जैसे- सत्या सिंह, अनिल कुमार सिंह, राजेश रावत, जनार्दन यादव, विजय वर्मा, आशुतोष सिंह, विनय कुमार पाण्डेय, शैलेष श्रीवास्तव, रेशमा यादव, संजय यादव, मिथिलेश गिरि, संजीव चौबे, अनिल यादव एवं अजीत वर्मा आदि रहे।मुख्य रुप से सुनीता सिंह भारती संयोजक और सहसंयोजक पुनमपुनीता मिश्रा उपस्थित रही।
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