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: डिजिटल बनाया जा रहा परिषदीय विद्यालय,सभी विकास खण्डो में बांटे गये टेबलेट

बलिया।उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों (बलिया)में बुधवार को टेबलेट का वितरण किया गया।टेबलेट देकर विद्यालयों से पंजिकाएं हटाकर पेपरलेस व्यवस्था तथा शिक्षकों व बच्चों की हाजिरी उसी आनलाइन या टेबलेट के माध्यम से लगाने की यह कवायत शिक्षकों के लिए तो ठीक है लेकिन बच्चे विद्यालयों में 3-4 झुण्ड (हार) में आते हैं, एक बैच तो समय से शिक्षकों के साथ आता है उसके बाद भी दो-तीन बैच में टोलावार (कभी इस बस्ती से और कभी इस बस्ती)से बच्चे विद्यालयों में आते हैं।सभी तरह के प्रशिक्षण भी उसी टेबलेट से किए और कराए जायेंगे।सबके बावजूद अभी इसके चलाए जाने हेतु कार्यशाला लगाकर शिक्षकों को प्रशिक्षित किए जाने की आवश्यकता है।                                            जनपद के सभी ब्लाक संसाधन केन्द्रों पर कहीं शासन के मंत्री ,कहीं विधायक तो कहीं ब्लाक प्रमुख के माध्यम से टेबलेट का वितरण किया गया।जनपद में कुल1964 विद्यालयों के लिए टैब वितरित किया गया जिसमें नगर क्षेत्र को 28,बैरिया 128,बांसडीह को 196,बेलहरी 128,बेरुआरबारी 123, चिलकहर 258,दुबहर 197,गड़वार 283,हनुमानगंज 166,मनियर 189, मुरलीछपरा 179,नवानगर236,नगरा 331,पन्दह 235, रसड़ा 328,रेवती 322,सीयर 324 और सोहांव ब्लाक के लिए 179 टैप प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक और उसके निकट के सहायक अध्यापक को यह टेबलेट प्राप्त कराया गया।अभी उच्च प्राथमिक विद्यालय को तथा स्मार्ट क्लास वाले विद्यालयों को यह टेबलेट नहीं दिया गया है। प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों में वितरित किया गया है।किसी-किसी विद्यालय में एक ही टेब दिया गया है।                                                      टैप वितरण को लेकर जब शिक्षक संघ के नेता और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बलिया जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह से जब प्रतिक्रिया पूछा गया तो उन्होंने कहाकि सरकार संगठन दोनों की मंशा एक ही होती है संगठन भी यही चाहता है कि हमारा विद्यालय समय से समय तक खुला रहे और बच्चों को शिक्षा देने के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास किया जाय,यह टैब आने से हमारे शिक्षकों में कोई दहसत और परेशानी नहीं है। हमारा 99.9प्रतिशत से अधिक अध्यापक ‌समय से विद्यालय जाता है और समय‌तक रहता है लेकिन कुछ व्यवहारिक कठिनाई भी है,फिर भी हमारे‌ सभी शिक्षक समय से विद्यालय चले जाते हैं और शासन की मंशा होगी तो अपनी उपस्थिति समय से दर्ज करा देंगे पर 20-25 फिसदी बच्चों को ससमय उपस्थित कराने में अभी कुछ समय लगेगा और कुछ शिक्षक रुट पर नहीं हैं और सार्वजनिक वाहन का प्रयोग करते हैं जिसमें महिला शिक्षकों की संख्या अधिक है उनका किसी-किसी दिन 10 या 15 मिनट बिलम्ब होना स्वाभाविक है टैब में उनका यदि हाजिरी लगने/लगाने में ‌कठिनाई होगी तो फिर सरकार बताए कि उनका क्या‌ करेगी और हाजिरी नहीं लग पाई तो 14 आकस्मिक अवकाश से पूरे सत्र(वर्ष) शिक्षक का काम कैसे    चलेगा‌ ?इसी में पारिवारिक जिम्मेदारियां भी हैं।जितेन्द्र सिंह ने अंत में कहा कि टेबलेट आने से हमारी(शिक्षकों की)छवि में सुधार आयेगा जो हमें बदनाम किया गया था उस बदनामी से हम मुक्त होंगे।

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