तालिबानी आदेश भारतीय संविधान का घोर अपमान : लिंग के आधार पर महिला पत्रकार को रोकना संविधान का अपमान,केन्द्रीय सरकार माफी मांगें
Ajay Mishra
Sun, Oct 12, 2025
लखनऊ । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एंव पूर्व मन्त्री राम गोविन्द चौधरी ने कहा है कि महिला पत्रकारों के सम्बन्ध में तालिबानी आदेश का पालन करना भारत की समप्रभुता और भारतीय संविधान का अपमान है. इस भूल के लिए भारत सरकार को सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट करना चाहिए.
रविवार को अपने आवास पर समाजवादी चिंतक डाक्टर राम मनोहर लोहिया के पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सपा के राष्ट्रीय सचिव पूर्व मन्त्री रामगोविंद चौधरी ने कहा कि भारतीय संविधान में महिला हो या पुरुष, उसे बराबरी का अधिकार हासिल है लिंग के आधार पर किसी भेद भाव की इजाजत हमारा संविधान नहीं देता भारत में अफगानिस्तान के विदेश मन्त्री की हुई आधिकारिक प्रेस वार्ता में उस देश में जहां प्रथम नागरिक के पद पर एक महिला बैठी है उस देश में महिला पत्रकारों को नहीं शामिल होने देना इस संविधान के सार्वभौमिकता का अपमान है। उन्होंने कहा कि अगर इसकी निन्दा नहीं की गईं और इसे रोका नहीं गया, ऐसा करने वालों को दण्डित नहीं किया गया तो महिला विरोधी मानसिकता रखने वाली ताकतों का उत्साह बढ़ेगा जो देश और समाज के हित नहीं है.
सपा के राष्ट्रीय सचिव पूर्व मन्त्री राम गोविन्द चौधरी ने कहा कि डाक्टर मनोहर लोहिया इस मामले में केवल समता नहीं, उससे आगे की भी बात सोचते थे. वह महिलाओं को विशेष अधिकार के पक्षधर थे. सामाजिक परिवर्तन के लिए जरूरी उनकी सप्त क्रान्ति में एक क्रांति यह मुद्दा भी है. इसलिए हम समाजवादी साथियों की जिम्मेदारी है कि महिला विरोधी मानसिकता रखने वाले लोगों को इस प्रकरण में घुटने टेकने को मजबूर करें साथ ही उस मानसिकता के लोगो के खिलाफ लोकतंत्र में जनता को प्रदत्त अधिकारों के तहत समय पर कार्रवाई करें।
उक्त अवसर पर मोहम्मद फहद ,राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव वरूण यादव,राष्ट्रीय उपाध्यक् वीरेंद्र यादव,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शोहेल अबरार, सुशील कुमार पाण्डेय "कान्हजी"राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कोमल गुर्जर,राष्ट्रीय सचिव प्रियांशु राज यादव,शिवा यादव,अनुराग चौधरी,छोटू तोमर,
लालवचन चौधरी, राजेन्द्र यादव, रामाधार यादव,रणजीत चौधरी,सोनू, सुनील राम, जितेन्द्र राजभर,नरेश राम, बीएन यादव,आदि लोगों उपस्थित रहे।
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