मिशन शक्ति फेज 5 के तहत किया गया महिलाओं को जागरुक : पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सभी थानों की पुलिस द्वारा महिलाओं को किया गया जागरुक और बताया गया जरुरी नम्बर
Ajay Mishra
Wed, Apr 22, 2026
बलिया । मिशन शक्ति फेज-05" (द्वितीय चरण) के अंतर्गत जनपद बलिया पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को किया गया जागरूक ।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन हेतु संचालित “मिशन शक्ति फेज-05” के द्वितीय चरण के दृष्टिगत आज जनपद बलिया में व्यापक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
पुलिस अधिक्षक ओमवीर सिंह के कुशल निर्देशन में जनपद के समस्त थानों की 'मिशन शक्ति' टीम एवं महिला सुरक्षा दल द्वारा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
उत्तर प्रदेश शासन एवं पुलिस विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत जानकारी दी गई।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों का साझाकरण:-
किसी भी विषम परिस्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने हेतु महिलाओं को निम्नलिखित टोल-फ्री नंबरों के प्रयोग हेतु प्रोत्साहित किया गया: कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया, जो किसी भी संकट के समय महिलाओं के लिए रक्षा कवच का कार्य करते हैं:
1090: वीमेन पावर लाइन (पहचान गुप्त रखकर सहायता हेतु)
112: पुलिस आपातकालीन सेवा (तत्काल पुलिस सहायता)
1076: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
1098: चाइल्ड हेल्पलाइन (बच्चों की सुरक्षा हेतु)
181: वन स्टॉप सेंटर (महिला पुनर्वास एवं परामर्श)
महत्वपूर्ण विधिक एवं सामाजिक जानकारी:-
शिकायत निवारण तंत्र: स्थानीय थानों पर स्थापित महिला हेल्प डेस्क, जनसुनवाई पोर्टल, जिला संरक्षण अधिकारी तथा राष्ट्रीय/राज्य महिला आयोग के पास शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई।
विधिक सहायता: जनपद न्यायालय में स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बारे में बताया गया ताकि पात्र महिलाएं निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें।
साइबर सुरक्षा: साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सतर्क करते हुए, किसी भी संदिग्ध लिंक या ओटीपी को साझा न करने की सलाह दी गई। यदि फोड कर के पैसे काट भी लिये गये तो तत्काल 1930 डायल करें।
बाल सुरक्षा (Child Safety):-
अभियान के दौरान बच्चों के बीच पहुँचकर उन्हें 'गुड टच और बैड टच' के बारे में सरल भाषा में समझाया गया तथा उन्हें असुरक्षित महसूस होने पर बिना डरे अपनी बात कहने या हेल्पलाइन 1098 पर सूचित करने के लिए प्रेरित किया गया।
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