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: जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय में शीघ्र शुरु होंगे व्यवसायिक पाठ्यक्रम

बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने आज मीडिया रुबरु होकर बताया कि जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। यह सुखद है कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा विवि के विकास की ओर निरंतर ध्यान दिया जा रहा है। अभी प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा विकास योजना (पीएम- उषा) के अंतर्गत विवि को 13 करोड़ 39 लाख का अनुदान विवि में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए प्राप्त हुआ है। इससे विवि परिवार में नयी ऊर्जा का आगमन हुआ है। विवि का प्रशासनिक भवन बनकर तैयार है, अकादमिक भवन और केंद्रीय पुस्तकालय का निर्माण द्रुतगति से हो रहा है और इसी सत्र में इसके प्राप्त हो जाने की उम्मीद है। प्राप्त धनराशि से इन भवनों में स्मार्ट क्लास, पुस्तकों के रख- रखाव, नयी प्रयोगशालाओं के निर्माण आदि का कार्य संपन्न किया जायेगा, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन में सुविधा मिलेगी। अगले सत्र से विवि में कुछ नए पाठ्यक्रम आरंभ करने की योजना है। बी. लिब., पुस्तकालय विज्ञान के इस पाठ्यक्रम का अध्ययन विद्यार्थी के लिए व्यावसायिक दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होगा। बी. काम.(बैंकिंग व फाइनेंस), पंचवर्षीय बी.ए.- एल एल. बी., इंटीग्रेटेड बी. एड. जो चार वर्षीय पाठ्यक्रम होगा और इंटरमीडिएट के बाद ही किया जा सकेगा। इस पाठ्यक्रम से विद्यार्थी प्रारंभ से ही अध्यापन की दिशा में आगे बढ़ सकेगा और पुराने पाठ्यक्रम से उसके 1 वर्ष समय की भी बचत होगी। एम. ए. शिक्षाशास्त्र, एम. जे. (पत्रकारिता में स्नातकोत्तर) के अलावा बी.सी.ए. विथ अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसा व्यावसायिक पाठ्यक्रम चलाने की योजना है, जिनके अध्ययन से विद्यार्थी का कौशल विकास होगा और आज के समय के अनुरूप योग्यता प्राप्त कर नौकरी या स्व- व्यवसाय में आगे बढ़ने में मदद करेगी। कुलपति ने अपने व्यक्तव्य में विवि की कुलाधिपति एवं महामहिम श्रीमती आनंदीबेन पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की जिनके निर्देशानुसार राज्य के सभी विवि कार्य कर रहे हैं और लगातार प्रगति- पथ पर आरूढ़ हैं। पीएम- उषा में भी सर्वाधिक अनुदान उत्तर प्रदेश के ही विश्वविद्यालयों को ही मिला है। कुलपति ने उत्तर प्रदेश सरकार के भी प्रति कृतज्ञता व्यक्त की l

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