जनपद बलिया में ए डी आर तंत्र,मध्यस्थता एवं लोक अदालत पर विविध जागरुकता : वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र के प्रावधानों व लाभों पर लोगों को किया गया जागरूक
Ajay Mishra
Tue, Jun 9, 2026
बलिया। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया, अनिल कुमार झा के आदेशानुसार मंगलवार को एडीआर भवन, दीवानी न्यायालय परिसर, बलिया में मध्यस्थता एवं लोक अदालत के विशेष संदर्भ में एडीआर (वैकल्पिक विवाद समाधान) तंत्र के प्रावधानों और लाभों पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव (पूर्णकालिक) चन्द्र प्रकाश तिवारी ने उपस्थित लोगों को एडीआर तंत्र की उपयोगिता और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र विवादों को अदालत के बाहर सुलझाने की एक प्रभावी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से मामलों का शीघ्र, सस्ता और सौहार्दपूर्ण निस्तारण किया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत में एडीआर प्रणाली को बढ़ावा देने का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करना तथा आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। मध्यस्थता ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक निष्पक्ष तीसरा व्यक्ति, जिसे मध्यस्थ कहा जाता है, विवादित पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर उन्हें आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचाने में सहायता करता है। मध्यस्थ किसी प्रकार का निर्णय नहीं देता, बल्कि पक्षकारों को स्वयं समाधान खोजने में मदद करता है। शिविर में लोक अदालत की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह एक वैधानिक मंच है, जहां विवादों का निपटारा समझौते एवं सहमति के आधार पर किया जाता है। लोक अदालत का उद्देश्य आम जनता को सस्ता, सरल एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में विधि के छात्र-छात्राओं सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित प्रतिभागियों ने एडीआर तंत्र, मध्यस्थता एवं लोक अदालत की प्रक्रियाओं और उनके लाभों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम लोगों को वैकल्पिक विवाद समाधान के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
विज्ञापन
